चमोली

जनपद चमोली की सीमा पर हो रहे कमेड़ा भूस्खलन क्षेत्र पिछले कई सालों से परेशानी का शबब बना हुआ है।

 

गौचर।
लंबे समय से कमेड़ा के जखेड़ गधेरे में हो रहे भूस्खलन ने क्षेत्र वासियों के साथ ही शासन प्रशासन को परेशानी में डाल दिया है। सोमवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से पुनः मार्ग बंद हो गया है।

 

जनपद चमोली की सीमा पर हो रहे कमेड़ा भूस्खलन क्षेत्र पिछले कई सालों से परेशानी का शबब बना हुआ है। हालांकि एन एच आई डी सी एल ने कुछ महीने पहले इस भूस्खलन क्षेत्र के सुधारीकरण का कार्य शुरू तो कर दिया था लेकिन इस बार हो रही बेतहाशा बारिश से एन एच आई डी सी एल का किया कराया सारा कार्य भूस्खलन में दफन हो गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इस स्थान पर पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थरों के साथ ही पेड़ उखड़ कर आ रहे हैं। इस बारिश के सीजन में कोई दिन ऐसा नहीं रहा जिस दिन राष्ट्रीय राजमार्ग इस स्थान पर घंटों बंद न रहा हो सोमवार को सुबह आठ बजे के आसपास एक बार यातायात सुचारू कर लिया गया था लेकिन 12 बजे के आसपास हुई मूसलाधार बारिश से पुनः मार्ग बंद होने से जनपद चमोली के लिए आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई ठप्प हो गई है। यही हाल कमेड़ा पेट्रोल पंप के पास भी है। इस स्थान पर सड़क लगभग 500 मीटर धंसने से वाहनों को खासकर छोटे वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार गौचर रानौ क्वींठी मोटर मार्ग बंद होने से क्षेत्र का राष्ट्रीय राजमार्ग से संपर्क कट जाने से क्षेत्रवासी भारी संकट में फंस गए हैं। कहा जा सकता है कि कमेड़ा का भूस्खलन क्षेत्र नासूर बन गया।

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